
जिन्दगी एक जश्न है
हर मोडपर टूटते ख्वाब
बिखरते,ख्यालात
परेशानियां उलझने
इस सबको समेटे हुए
जिन्दगी एक जश्न है
थोडी सी खुशी और
दर्द के अंबार
ठोकर खा खा कर उठता रहा इंसान
जूझता,झिझोडता फिर भी
जिन्दगी एक जश्न है
एक दौड,एक प्यास
जीवन के प्रारम्भ से
जीवन के अन्त तक
थक कर बैठ जाये फिर भी
जिन्दगी एक जश्न है।
[चित्रकार महेश गुप्ता का रेखाचित्र]
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