Wednesday, September 23, 2009

आडंबर


उत्सवों के बीच प्रेम,उल्लास,खुशी को खोजें




काफी सहज और साफगोई से अपनी बात रखने वाले मेरे अभिन्न मित्र महेश गुप्ता से मुलाकात हुए तो अरसा हो गया लेकिन जब भी मै उनकी कृतिया देखता हूं तो मुझे लगता है कि जल्द ही किसी मोड पर हम जरुर मिलेगें। विचार,संवेदना,अभिव्यक्ति से लबरेज महेश की कृतियों का प्रयोग करने का मौका मुझे असल में सात वर्षो के बाद मिला। सात वर्ष बाद ही सही मैं बेहद ही उत्साहित हूं कि मेरे नये ब्लाग की शुरूआत महेश की कृतियों से ही हो रही है।

Saturday, September 19, 2009

कला का सम्मान

आज दिल्ली में बड़े कलाकारों की जमघट रही

नयी खबर

कला की खबरें अब इस प्रकार हैं
Attention! This is not a healthy practice.